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स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता ने किया रिम्स में नेफ्रोलॉजी विभाग का उद्घाटन, किडनी संबंधित रोगियों को मिला सौगात…

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स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता ने किया रिम्स में नेफ्रोलॉजी विभाग का उद्घाटन, किडनी संबंधित रोगियों को मिला सौगात…

राँची : स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता ने मंगलवार को रांची के राजेंद्र आयुर्विज्ञान संस्थान, रिम्स में नेफ्रोलॉजी विभाग की शुरुआत की। उन्होंने कहा कि सरकार की यह कोशिश होगी कि राज्य के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल में जल्द से जल्द डायलिसिस की सुविधा मिल सके।

स्वास्थ्य मंत्री ने रिम्स में नेफ्रोलॉजी विभाग के उदघाटन समारोह में कहा कि यह कदम रिम्स में डायलिसिस व्यवस्था को मजबूत करने में कारगर साबित होगा। उन्होंने रिम्स में नेफ्रोलॉजी विभाग शुरू होने के लिए रिम्स निदेशक और अधीक्षक समेत उनकी पूरी टीम को बधाई देते हुए कहा कि सरकार की यह कोशिश है कि गरीब मरीजों को अधिक से अधिक सुविधा मिल सके और उनकी परेशानी कम हो सके।

स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि पिछले दिनों उनके मित्र और बीजेपी झारखंड के अध्यक्ष दीपक प्रकाश को हार्ट अटैक के बाद रिम्स लाने की सूचना जैसे ही मिली, तत्काल वे और मुख्यमंत्री ने बीच में ही मीटिंग छोड़ कर रिम्स पहुंचे । यही प्रेम और आपसी भाईचारे की भावना झारखंड की समृद्धि और उन्नति की पहचान है। उन्होंने कहा कि सरकार लैब टेक्निशयन और अन्य स्वास्थ्य कर्मियों की समस्याओं के समाधान को लेकर सकारात्मक रूख के साथ प्रयासरत है और पॉजिटिव रिजल्ट की ओर आगे बढ़ा जा रहा है।

पत्रकारों से बातचीत में स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता ने कहा कि राज्य सरकार रिम्स में डायलिसिस की सुविधा उपलब्ध कराने के लिए प्रयासरत है, ताकि गरीबों को अपने खर्च पर बाहर में डायलिसिस न कराना पड़े। रिम्स में सुविधा उपलब्ध हो जाने के बाद राज्य के मरीजों को कम से कम खर्च पर यह सुविधा मिल पाएगी। साथ ही मुख्यमंत्री गंभीर बीमारी योजना, आयुष्मान भारत योजना और मुख्यमंत्री स्वास्थ्य लाभ योजना के मरीजों को रिम्स में ही बेहतर और आधुनिक स्वास्थ्य सुविधा निःशुल्क मिल सकेगी। इसी दिशा में आज नेफ्रोलॉजी की शुरुआत होना मील का पत्थर साबित होगा।

कोरोना वायरस के संबंध में स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता ने एक बार फिर दोहराया कि इससे डरने की जरुरत नहीं है, बल्कि लड़ने की जरुरत है। उन्होंने कहा कि कोरोना संक्रमित मरीजों के साथ अपराधी की तरह व्यवहार नहीं होना चाहिए, बल्कि सोशल डिस्टेसिंग और स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा जारी गाइडलाइन का पालन कर इस संकट से निपटा जा सकता है।

इस मौके पर रिम्स के निदेशक डॉ डी के सिंह, रिम्स अधीक्षक डॉ विवेक कश्यप, नेफ्रोलॉजिस्ट डॉ प्रज्ञा पंत घोष समेत अन्य वरीय अधिकारी और चिकित्सक उपस्थित थे।

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