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विश्व पर्यावरण दिवस पर Indigenous people Welfare Society (IPWS) संस्था के द्वारा रांची के लालपुर में वृक्षारोपण कार्यक्रम…

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विश्व पर्यावरण दिवस पर Indigenous people Welfare Society (IPWS) संस्था के द्वारा रांची के लालपुर में वृक्षारोपण कार्यक्रम…

राँची : आज विश्व पर्यावरण दिवस पर Indigenous people Welfare Society (IPWS) संस्था के द्वारा रांची के लालपुर में वृक्षारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया और लोगों के बीच पर्यावरण को लेकर जागरूकता फैलाया गया जिससे कि लोग जलवायु परिवर्तन को समझ सके।

प्रियव्रत नाग ने कहा कि जीवन को बेहतर और अधिक प्राकृतिक बनाने के लिए पूरे विश्वभर में पर्यावरण में कुछ सकारात्मक बदलाव लाने के लिए विश्व पर्यावरण दिवस अभियान की स्थापना की गई। आजकल पर्यावरण का मुद्दा बहुत बड़ा मुद्दा है। जिसके बारे में सभी को जागरुक होना चाहिए और इस परेशानी का सामना करने के लिए सकारात्मक प्रयासों को करना चाहिए। प्रदूषण और ग्लोबल वार्मिंग से युक्त वातावरण में सकारात्मक बदलावों को लाने के लिए विद्यार्थियों के रुप में किसी भी देश के युवा सबसे बड़ी उम्मीद है इसलिए युवाओं को पर्यावरण बचाने के लिए हमेशा एक निडर योद्धा की तरह आगे आकर लोगों को रास्ता दिखलाना होगा। आज भारत दुनिया में सबसे युवा देश है। युवा अगर चाह जाए तो हम आसानी से जलवायु परिवर्तन जैसे समस्याओं से निपट सकते हैं।
भारतीय समाज शुरू से ही प्राकृतिक प्रेमी रहा है , खासकर आदिवासी समाज।आदिवासी लोग आज जल, जंगल और जमीन की बात करते हैं। यह दुनिया को उनका प्राकृतिक प्रेम का संदेश है , पर आज हमारे कुछ आदिवासी लोग अपने मूल को भूलते जा रहे हैं। जब इस चीज की सबसे अधिक जरूरत अभी है इसलिए हमें अपने मूल को अपनी आधार को नहीं भूलना चाहिए क्योंकि पूरी दुनिया आज प्रकृति को बचाने के लिए आदिवासी मॉडल की बात कर रही है और यही एक रास्ता है इस प्रकृति को बचाने का।
आज भारत में राजनीति विभिन्न मुद्दों पर होती है पर पर्यावरण जैसे गंभीर मुद्दों पर कोई भी पार्टी बात नहीं करना चाहती। लोगों को समझना होगा की जिस प्रकार से अन्य मुद्दे जैसे कि बिजली ,सड़क ,घर ,शिक्षा ,आदि हमारी जरूरत है उसी प्रकार प्रकृति को बचाना भी हमारी जरूरत है। इससे आर्थिक रूप से भी बहुत नुकसान होता है जैसे कि बाढ़ से फसलों का बर्बाद होना , सूखा पड़ना , बेवजह चक्रवात तूफान आना और आने वाले वक्त में यह समस्या और भी गंभीर होने वाला है।अतः भारत में भी न्यूजीलैंड, ऑस्ट्रेलिया ,भूटान आदि देशों की तरह विभिन्न पार्टियां जलवायु पर्यावरण को भी अपने घोषणापत्र में रखें ।

इस कार्यक्रम में मुख्य रूप सेअध्यक्ष ममता हेमरोम, सचिव मिनू मुंडा, कृष्ण मुंडा,परी पहचान, अपेक्षा कुमारी मुंडा,लक्कि नायक, स्विटी कुमारी, सुमित खालखो, जितेंद्र महतो, सदानंद महतो, पंकज नाग शामिल थे ।

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