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राष्ट्रपति के नाम पत्र बी.डी.ओ, सी.ओ को सौंपने के साथ ही माकपा का देशव्यापी विरोध सप्ताह संपन्न।

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राष्ट्रपति के नाम पत्र बी.डी.ओ, सी.ओ को सौंपने के साथ ही माकपा का देशव्यापी विरोध सप्ताह संपन्न।

चंदवा :-

भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) (माकपा) का एक पांच सदस्यीय शिष्टमंडल प्रखंड विकास पदाधिकारी अरविंद कुमार व अंचलाधिकारी मुमताज अंसारी से मुलाकात कर सोलह सुत्री मांगों से संबंधित स्मार पत्र महामहिम राष्ट्रपति के पदनाम ज्ञापन उन्हें सौंपा, इसी के साथ 20 से 26 अगस्त तक जिले में जन मुद्दों को लेकर पार्टी का चल रहे देशव्यापी विरोध सप्ताह संम्पन हो गया.

सौंपे गए ज्ञापन में
आयकर के दायरे से बाहर सभी परिवारों को अगले 6 माह तक 7500 रु प्रतिमाह उनके बैंक खाते में ट्रांसफर करने, चंदवा सी.एच.सी में ब्लड बैंक चालू कराने, अगले 6 महीने प्रति व्यक्ति प्रतिमाह 10 किलो निशुल्क अनाज उपलब्ध कराने, मनरेगा का विस्तार कर 600 रु प्रतिदिन मजदूरी की दर से कम से कम 200 दिन प्रति वर्ष मनरेगा में काम की गारंटी और शहरी रोजगार गारंटी योजना लागू करने, सभी बेरोजगारों के लिए बेरोजगारी भत्ते का ऐलान करने,
अंतर राज्य प्रवासी कामगार कानून रद्द करने के प्रस्ताव को निरस्त करने के साथ इस कानून को और मजबूत करने, सार्वजनिक स्वास्थ्य पर जी.डी.पी का कम से कम तीन प्रतिशत राशि खर्च करने, आवश्यक वस्तु कानून को खत्म करने तथा एपीएमसी कानून में संशोधन करने वाले आदेश को रद्द किया जाए.

साथ ही वर्तमान श्रम कानूनों को निरस्त, संशोधित ,निलंबित करने के सभी प्रस्ताव को वापस लेने, सार्वजनिक क्षेत्र के उद्योगों भारतीयरेल,बिजली,संचार,पेट्रोलियम, कोयला, बैंक /बीमा ,रक्षा उत्पादन आदि क्षेत्रों के उद्यमों का निजीकरण किए जाने का फैसला रद्द किया जाय. प्रधानमंत्री के नाम से बनाए गए निजी ट्रस्ट का सारा पैसा राज्यों के बीच बांटा जाए, जो महामारी का मुकाबला करने में अगली पंक्ति में है,

कोरोना महामारी का मुकाबला करने के लिए आपदा प्रबंधन कानून का सहारा लिया गया है इस महामारी से मौत के शिकार हुए लोगों के परिवारों को राष्ट्रीय आपदा राहत कोष के प्रधानों के हिसाब से एकमुश्त वित्तीय सहायता प्रदान किया जाए ,एसी ,एसटी ,ओबीसी तथा विकलांगो के लिए आरक्षण को शक्ति से लागू करते हुए सारे रिक्त पदों को भरने, स्नातक तथा स्नातकोत्तर के अंतिम वर्ष के छात्रों को पिछले समेस्टरों के प्रदर्शन के आधार पर मूल्यांकन किया जाए तथा उन्हें डिग्री प्रदान किया जाए.

2019 के अगस्त से जम्मू कश्मीर में गिरफ्तार किए गए सभी लोगों को फौरन रिहा किया जाए , पूरी तरह से संचार व्यवस्था को बहाल किया जाए और लोगों को बेरोक टोंक आवाजाही की इजाजत दी जाए, यूएपीए ,एनएसए, सेडिशन एक्ट जैसे अति दमनकारी कानूनों के अंतर्गत जेलों में बंद सभी राजनीतिक बंदियों को रिहा किया जाए.

पर्यावरण प्रभाव आकलन मसौदा अधिसूचना 2020 को वापस लिया जाए, दलितों, महिलाओं, आदिवासियों, अल्पसंख्यकों के खिलाफ हिंसा शोषण के दोषियों को जल्द सजा दिए जाने की मांग शामिल हैं.

शिष्टमंडल मे जिला सचिव सुरेन्द्र सिंह, पार्टी के वरिष्ठ नेता अयुब खान, अंचल सचिव रसीद मियां, अजीज अंसारी, सलमान खान शामिल थे।

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