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महिला वालंटियर्स, सुदूरवर्ती इलाकों में ग्रामीण महिलाओं को पैड्स के उपयोग के लिए कर रही हैं प्रेरित

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महिला वालंटियर्स, सुदूरवर्ती इलाकों में ग्रामीण महिलाओं को पैड्स के उपयोग के लिए कर रही हैं प्रेरित

पलामू में COVID-19 संक्रमण को रोकने के लिए लॉकडाउन लागू है। लॉक डाउन के वजह से लोगों को दिक्कतों का सामना नहीं करना पड़े इसके लिए  उपायुक्त -सह- जिला दंडाधिकारी डॉ शांतनु कुमार अग्रहरि के निर्देश पर गुरु तेग बहादुर मेमोरियल हॉल, बेलवाटिकर में आपदा मित्र कोषांग का गठन किया गया है। इस कोषांग के जरिए अत्यंत जरूरतमंदों के बीच आवश्यक सामग्री निरन्तर पहुंचाई जा रही है। इसके लिए संत निरंकारी मंडल, नेहरू युवा केंद्र तथा सिख समाज के वालंटियर्स ने कमान संभाल रखी है। 

आपदा मित्र कोषांग के जरिए अब तक करीब 20 हज़ार राशन के पैकेट्स अत्यंत जरूरतमंदों के बीच बांटे जा चुके हैं। वही मील्स ऑन व्हील्स के तहत अब तक 10 हज़ार से अधिक रेडीमेड खाने के पैकेट लोगों के बीच बांटे जा चुके हैं।  कोषांग में शहर के प्रबुद्ध समाजसेवियों एवं समाजिक संगठन के माध्यम से निरंतर डोनेशन दिया जा रहा है। इसी क्रम में लायंस क्लब के सचिव संजीव पोद्दार तथा निमित्त एनजीओ रांची के डायरेक्टर निमिता सिन्हा के माध्यम से Transforming Rural India, A Tata Trust Initiative के तरफ से 2000 सेनेटरी पैड के पैकेट्स आपदा कोषांग में डोनेट किया गया था। डोनेट किए गए सभी सैनिटरी पैड्स के पैकेट के साथ डिस्पोजेबल बैग भी मौजूद थे। आपदा मित्र कोषांग में मौजूद आपदा सखी के द्वारा सुदूरवर्ती गांव में मौजूद ग्रामीण महिलाओं के बीच 2000 सेनेटरी पैड के पैकेट्स डोनेट किये जा चुके हैं। इस दौरान ग्रामीण महिलाओं से अनहेल्दी क्लॉथ स्ट्रिप्स के जगह सेनेटरी पैड्स के इस्तेमाल करने हेतु प्रेरित किया गया। इस कड़ी में TATA Trusts initiative operating टाटा फाउंडेशन ट्रस्ट के ओर से पुनः 2000 सैनिटरी पैड के पैकेट्स डोनेट किया गया है। 

आपदा मित्र कोषांग के समन्वयक इंद्रजीत सिंह डिंपल ने बताया कि पलामू के सुदूरवर्ती इलाके में राशन के पैकेट पहुंचाने के क्रम में ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं को होने वाली समस्याओं के बारे में पता चला। हमने महसूस किया कि झुग्गियों में रहने वाली महिलाओं को लॉकडाउन के दौरान सेनेटरी उत्पादों को खरीदना मुश्किल होगा; उन्हें अनहेल्दी क्लॉथ स्ट्रिप्स का उपयोग नहीं करने देना चाहते थे, जो संक्रमण पैदा कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि ग्रामीण तथा सुदूरवर्ती इलाकों में राशन बांटने के क्रम में ज़रूरतमंदों के बीच सेनेटरी पैड भी बांटा जा रहा है। 

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