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महिला दिवस पर विशेष

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महिला दिवस पर विशेष

रांची। अंतरास्ट्रीय महिला के अवसर पर झारखंड की बेटियां न सिर्फ अपने घर के चूल्हा चौका तक सिमित है बल्कि उससे बाहर निकल कर भी देश दुनिया में नाम रोशन कर रही है। ऐसी कई बेटियां हैं खेल, फिल्म ,राजनीति सहित अन्य गतिविधियों में अपनी महारत हासिल कर रही है ।

2019 में झारखंड विधानसभा चुनाव संपन्न हुए इस विधानसभा में कांग्रेस प्रत्याशी और बड़का विधानसभा से कांग्रेस के सीट बचाने वाली सबसे कम उम्र की विधायक बनने वाली अंबा प्रसाद । अंबा प्रसाद अपने प्रतिद्वंदी आजसू पार्टी के रोशन लाल चौधरी को 301 40 मतों से हराकर कांग्रेस की परंपरागत सीट को बचा लिया । क्योंकि इस सीट पर अंबा प्रसाद के पिता योगेंद्र साहब और माता निर्मला देवी विधायक रह चुकी है । अंबा प्रसाद अपने माता-पिता पर लगे आरोप के खिलाफ बीजेपी सरकार और उस सिस्टम के विरुद्ध खड़ी हुई है। वकालत की प्रैक्टिस कर के अपने माता-पिता की केस में स्वयं लड़ रही है। अंबा कार्मेल स्कूल से पढ़ाई करने के बाद 12वीं की पढ़ाई डीएवी स्कूल हजारीबाग से पूरी की , 2009- 12 से एलएलबी की डिग्री हासिल की, सेंट जेवियर कॉलेज से 2012 में पीजीडीएम एचआर की सिविल सर्विस की तैयारी के लिए दिल्ली चली गई । इसके बाद फिर वापस लौट आई और फिर 2019 में बड़कागांव विधानसभा से चुनाव लड़ी और विजय हुई।

अपने सपने छोड़ , गांव का सपना साकार कर रही है मिस्फिका
लुत्फुल शेख के घर जन्मी मिस्फिका हसन झारखंड के सबसे पिछड़े प्रदेश पाकुड़ जिला के रहने वाली है। मिस्फिका हसन एम्स दिल्ली में कैंसर पर रिसर्च कर रही थी कि एकाएक उनके मन में आपने गांव इलामी पंचायत घूमने का मूड हुआ और वह दिल्ली से पाकुड़ लौटी आई । फराटे दार अंग्रेजी बोलने वाली मिस्फिका हसन जब अपने गांव की बदहाली देखी तो उनसे रहा नहीं गया। उन्होंने अपने सपनों को छोड़कर गांव के सपनों को सवारने में अपना वक्त लगा दी ।ईलामी पंचायत की मुखिया चुनाव लड़कर मुखिया बन गई । इतना ही नहीं 25 साल की मिस्फिका जब देश के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की और प्रधानमंत्री को जब यह पता चला की बायो टेक्नोलॉजी एक्सपर्ट से साइंटिस्ट बनने व आईएएस का सपना छोड़कर मुखिया चुनी गई , तो काफी खुश हुए। अब मिसफिका हसन भारतीय जनता पार्टी में प्रदेश प्रवक्ता है। आज पूरे पाकुड़ विधानसभा में इनके कार्यों की काफी सराहना होती है।

इस बार झारखण्ड की तीन महिला हॉकी खिलाड़ियो का चयन खेलो इंडिया नेशनल कोचिंग कैम्प के लिए हुआ। 9 मार्च से 2 अप्रैल तक नेशनल सेंटर ऑफ एक्सीलेंसी साई बेंगौलर में आयोजित खेलो इंडिया नेशनल कोचिंग कैम्प के लिए झारखण्ड के तीन महिला हॉकी खिलाड़ियो का चयन हुआ है,संगीता कुमारी,सुषमा कुमारी और व्यूटी डुंगडुंग है तीनों ही ख़िलाड़ियाँ सिमडेगा जिला के करँगागुड़ी गांव की रहने वाली है और तीनों ही स्ट्राइकर है संगीता कुमारी और व्यूटी डुंगडुंग जूनियर भारतीय महिला हॉकी टीम से कई प्रतियोगिताओ देश के लिए खेल चुकी है।
रिंकल जेनिफर कच्छप जो रांची की रहने वाली है और अपनी पहली फिल्म धूम कुड़ियां से वह ना सिर्फ झारखंड बल्कि देश और विदेशों में भी झारखंड का नाम रोशन कर रही है । हाल ही में उन्हें अमेरिकन गोल्डन अवॉर्ड से सम्मानित किया गया है । मानव तस्करी पर आधारित धूमकुडिया फिल्म झारखंड की बेटियों की हालात बयां करती है। इस फिल्म पर रिंकल जेनिफर कच्छप ने बेहतरीन अभिनय की , इसके लिए उन्हें अमरीकन गोल्डन पिक्चर इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल 2020 में सम्मानित किया गया है । झारखंड, बंगाल, बिहार, उड़ीसा, छत्तीसगढ़ आदिवासी बहुल क्षेत्र की पहली जनजातीय कलाकार है जिसे इस अवॉर्ड से नवाजा गया है।

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