Connect with us

प्रोफेसर सोना झरिया मिंज को सिदो कान्हू मुर्मू विश्वविद्यालय का नया कुलपति नियुक्त किया गया , झारखंड की बेटी देश की दूसरी आदिवासी महिला वाइस चांसलर बनी…

खबर सीधे आप तक

प्रोफेसर सोना झरिया मिंज को सिदो कान्हू मुर्मू विश्वविद्यालय का नया कुलपति नियुक्त किया गया , झारखंड की बेटी देश की दूसरी आदिवासी महिला वाइस चांसलर बनी…

दुमका : सभी जानते हैं कि हमारे देश की बेटियां ,बेटों से कम नहीं हैं। हर क्षेत्र में बेटियां , बेटों को कड़ी टक्कर देती हैं बल्कि कई क्षेत्रों में यह अव्वल भी आती रही हैं। शिक्षा का क्षेत्र हो या राजनीति का क्षेत्र हो , खेल का क्षेत्र हो या व्यापार का क्षेत्र हो , सभी क्षेत्रों में हमारे देश की बेटियों ने अपना परचम लहराया है।

ठीक इसी तरह हमारी झारखंड की बेटियां भी बेटों से कम नहीं हैं और हमेशा शिक्षा के क्षेत्र में अव्वल आती रही हैं। बहुत खुशी की बात है कि फिर से हमारे झारखंड की बेटी ने हमें गौरवान्वित करने का काम किया है। एक जनजाति वर्ग की महिला को कुलपति बनाया जाना वाकई गर्व की बात हैं। प्रोफेसर सोना झरिया मिंज को सिदो कान्हू मुर्मू विश्वविद्यालय का नया कुलपति नियुक्त किया गया है। इसके साथ ही झारखंड की बेटी देश की दूसरी आदिवासी महिला वाइस चांसलर बन गई हैं। वह अब तक JNU में कम्प्यूटर साइंस विभाग की डीन थीं। वह JNU शिक्षक संघ की अध्यक्ष भी रह चुकी हैं। देश की तमाम यूनिवर्सिटीज में सिदो कान्हू मुर्मू यूनिवर्सिटी दुमका, पहली ऐसी यूनिवर्सिटी है जहां किसी आदिवासी महिला को अबतक दो बार वाइस चांसलर नियुक्त किया गया है।

प्रोफेसर सोना झरिया मिंज, झारखंड आंदोलन के मशहूर नेता निर्मल मिंज की बेटी हैं।

आपको जानकर बिल्कुल हैरानी नहीं होगी कि इस मुल्क में वर्तमान में लगभग 799 विश्वविद्यालय (43 केंद्रीय, 329 राज्य, 122 डीम्ड, 197 निजी, 1 केंद्रीय ओपन, 13 राज्य ऑपन, 75 राष्ट्रीय संस्थान, 1 निजी ओपन, 5 राज्य संस्थान, 13 अन्य) जिनमें प्रो मिंज पहली आदिवासी वाइस चांसलर है।

जबकि आदिवासियों के नाम पर कुछ विश्वविद्यालय खोले गए हैं ताकि वोट बटोरे जा सकें लेकिन उनमें वाइस चांसलर के पद पर नियुक्ति हमेशा गैर आदिवासी (डिगु) की हुई हैं। आप अपने आस-पास के विश्वविद्यालयों का सर्वे करके देख लीजिए कि वाइस चंसलारों की सामाजिक पृष्ठभूमि क्या है ?

ऐसा नहीं है कि योग्य उम्मीदवार नहीं है और कायदे से इन 799 विश्वविद्यालयों में यदि 7.5% प्रतिशत जनसंख्या के अनुसार 60 वाइस चांसलर आदिवासी होने चाहिए थे लेकिन आदिवासी समाज को पहली महिला वाइस चांसलर अब जा कर मिली हैं। वह भी झारखंड जैसे आदिवासी बाहुल्य राज्य में और वह भी राज्य स्तर पर। वह भी तब जब एक आदिवासी हेमंत सोरेन उस राज्य का मुख्यमंत्री है।

प्रोफेसर सोना झरिया मिंज, परिचय –

जेएनयू में स्कूल ऑफ कम्प्यूटर एंड सिस्टम्स साइंसेज में प्रोफेसर पद पर कार्यरत हैं।

योग्यता-
पीएच.डी. (कम्प्यूटर साइंस) जवाहरलाल नेहरू यूनवर्सिटी, नई दिल्ली

एम.फिल (कम्प्यूटर साइंस) जवाहरलाल नेहरू यूनवर्सिटी, नई दिल्ली

एमएससी (गणित) मद्रास क्रिश्चियन कॉलेज, तांबरम, चेन्नई, टीएन

विशेषज्ञता के क्षेत्र:

भू-स्थानिक सूचना विज्ञान, स्पैट-टेम्पोरल डेटा एनालिसिस, डेटा माइनिंग, मशीन लर्निंग, रफ सेट्स

अनुभव:
2005 – आज तक: प्रोफेसर, स्कूल ऑफ कंप्यूटर एंड सिस्टम्स साइंसेज, जेएनयू, नई दिल्ली

1997 – 2005: एसोसिएट प्रोफेसर, स्कूल ऑफ कंप्यूटर एंड सिस्टम्स साइंसेज, जेएनयू, नई दिल्ली

1992-1997: असिस्टेंट प्रोफेसर, स्कूल ऑफ कंप्यूटर एंड सिस्टम्स साइंसेज, जेएनयू, नई दिल्ली

1991-1992: सहायक प्रोफेसर, कंप्यूटर विज्ञान विभाग, मदुरै कामराज विश्वविद्यालय, मदुरै, TN

1990 – 1991: कम्प्यूटर साइंस, बरकतउल्ला विश्वविद्यालय, भोपाल के सहायक प्रोफेसर विभाग

बेस्ट पीयर पब्लिकेशंस की समीक्षा (5 तक):

  1. विनेश कुमार और सोनाझरिया मिंज, “CCRA: संज्ञानात्मक रेडियो नेटवर्क में चैनल आलोचनात्मक आधारित संसाधन आवंटन,” इंटरनेशनल जर्नल ऑफ़ कम्युनिकेशन सिस्टम, ऑनलाइन प्रकाशित: 7 JUL 2015, DOI: 10.1002 / dac.35 2015. (SCI अनुक्रमित)।
  2. विपिन कुमार और सोनाझरिया मिंज, “मल्टी-व्यू एन्सेम्बल लर्निंग:

हाई डायमेंशनल डेटा क्लासिफिकेशन के लिए एक इष्टतम फीचर सेट पार्टिशनिंग,” नॉलेज एंड इंफॉर्मेशन सिस्टम, एसपीआरपीएनआर, पीपी: 1-59, 2015 (एससीआईएड जर्नल)।

  1. इब्राहिम केए अबुघली, सोनाझारिया मिंज, “समय श्रृंखला डेटा के तेजी से रुझान समानता आधारित क्लस्टरिंग के लिए Binarizing परिवर्तन।” कंप्यूटर विज्ञान में व्याख्यान नोट्स, 9124, स्प्रिंगर, 2015 पीपी 257-267।
  2. हेमंत कुमार अग्रवाल, सोनझरिया मिंज, “दिल्ली, भारत के लिए अनसुनीकृत लर्निंग एल्गोरिदम का उपयोग करके परिवर्तन का पता लगाएं,” एशियन जर्नल ऑफ जियोइन्फोर्मेटिक्स, वॉल्यूम 13, नंबर 4, 12-15, 2013
  3. फुअद अल-यारिमी, सोनाझारिया मिंज, “हायरार्चिकल प्राइवेसी डिस्ट्रीब्यूटेड फ्रिक्वेंट आइटमसेट माइनिंग (एचपीपीडीएफआईएम)।” इंटरनेशनल जर्नल ऑफ साइंटिफिक इंजीनियरिंग रिसर्च वॉल्यूम। 4. नंबर 4 अर्पिल 2013।

Continue Reading
You may also like...
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

More in खबर सीधे आप तक

To Top