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नर्सिंग कौशल कॉलेज गुमला का कैपिंग एण्ड लैम्प लाईटिंग सेरेमनी संपन्न

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नर्सिंग कौशल कॉलेज गुमला का कैपिंग एण्ड लैम्प लाईटिंग सेरेमनी संपन्न

गुमला:-

नर्सिंग कौशल कॉलेज गुमला के प्रथम बैच ए0एन0एम0 पाठ्यक्रम पूरा करने वाले 120 प्रशिक्षणार्थियों का कैपिंग एण्ड लैम्प लाईटिंग सेरेमनी तथा सेवा शपथ कार्यक्रम का आयोजन सदर अस्पताल परिसर में नर्सिंग कौशल कॉलेज प्रबंधन द्वारा किया गया।

समारोह का शुभारंभ उपायुक्त गुमला शशि रंजन, नर्सिंग कौशल कॉलेज के निदेशक सेवानिवृत कर्नल डॉ. अंजनी कुमार, एचडीएफसी बैंक के वरीय प्रबंधक सुरजीत राय, जिला जनसम्पर्क पदाधिकारी देवेन्द्रनाथ भादुड़ी तथा प्रेझा फाउंडेशन के प्रबंधक मीनाक्षी कुमार ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया।

समारोह को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि उपायुक्त गुमला शशि रंजन ने कहा कि आज से कुछ माह पूर्व सदर अस्पताल परिसर गुमला में नर्सिंग कौशल कॉलेज की स्थापना हुई थी। जिला प्रशासन, पैन आईआईटी प्रेझा फाउंडेशन एवं कल्याण विभाग के संयुक्त तत्वावधान में संचालित इस कॉलेज में आज ए0एन0एम0 पाठ्यक्रम के 120 छात्राएं नर्सिंग का प्रारंभिक पाठ्यक्रम पूरा कर लिया। आज उसी उपलक्ष्य में प्रशिक्षणार्थियों का कैपिंग एण्ड लैम्प लाईटिंग सेरेमनी का आयोजन कर उन्हें सेवा का संकल्प-शपथ दिलाया जा रहा है।

उपायुक्त ने कहा कि नर्सिंग मानव सेवा का सबसे बड़ा माध्यम है। फ्लोरेन्स नाइटिंगेल ने बिमार मरीजों एवं घायल सैनिकों की सेवा का जो संकल्प दिखलाया था उसी संकल्प को पूरा करने के लिए नर्सिंग पाठ्यक्रम के तहत आज सभी नर्स मानव सेवा का संकल्प एवं शपथ ले रहे हैं। उपायुक्त ने कहा कि जिला प्रशासन कौशल विकास के लिए प्रतिबद्ध है। गुमला जिले में नर्सिंग कॉलेज के माध्यम से रोजगार का बहुत बड़ा अवसर मिलने जा रहा है। यहां से प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद प्रशिक्षित नर्स बड़े-बड़े अस्पताल एवं नर्सिंग होम में रोजगार प्राप्त कर सकते हैं। झारखंड राज्य में वर्तमान में 03 नए मेडिकल कॉलेज हजारीबाग, पलामू एवं दुमका में चल रहे हैं। साथ ही निकट भविष्य में 03 और नए मेडिकल कॉलेज संचालित होने वाले हैं। इन मेडिकल कॉलेजों में बड़ी संख्या में नर्स की आवश्यकता पड़ेगी। इसके साथ ही झारखंड में प्राइवेट सेक्टर में भी बड़े-बड़े अस्पताल खुल रहे हैं। यहां से प्रशिक्षण प्राप्त नर्सों को मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में रोजगार का बड़ा अवसर मिलने की संभावना है।

उपायुक्त ने कहा कि गुमला जिले के नर्सिंग कौशल कॉलेज में प्रशिक्षणार्थी नर्सों के लिए हॉस्टेल की व्यवस्था की गई है। साथ ही जिला प्रशासन द्वारा यहां पैन आईआईटी प्रेझा फाउंडेशन एवं कल्याण विभाग के सौजन्य से संसाधन उपल्बध कराया गया है। कॉलेज में अध्यापन के लिए उत्तम प्राध्यापक तथा प्रयोगशाला की व्यवस्था की गई है। उपायुक्त ने आज समारोह में उपस्थित सभी प्रशिक्षणार्थी नर्स को शुभकामना देते हुए उनके उज्जवल भविष्य की कामना की। साथ ही उनके अभिभावकों से भी अपील किया कि वे अपनी बच्चियों को नौकरी के लिए बड़े-बड़े शहरों में जाने के लिए प्रेरित करें।

समारोह को संबोधित करते हुए कॉलेज के निदेशक सेवानिवृत कर्नल डॉ. अंजनी कुमार ने कहा कि गुमला नर्सिंग कॉलेज में वर्तमान में कुल 120 अध्ययनरत छात्राओं को शिक्षण-प्रशिक्षण दिया जा रहा है। 02 वर्षों के एएनएम नर्सिंग कोर्स के लिए उच्च स्तरीय शिक्षा गुणवत्ता के साथ दिया जा रहा है। साथ ही कोर्स समाप्ति के पश्चात् पैन आईआईटी रीच फॉर इंडिया, प्रेझा फाउंडेशन तथा कल्याण विभाग के माध्यम से रोजगार की व्यवस्था की जाती है। उन्होंने कहा कि नर्सिंग का पेशा मानवीय सेवा का सबसे बड़ा क्षेत्र है। नवजात बच्चे से लेकर वृद्ध-बुजुर्ग की सेवा का जो अवसर नर्सिंग के क्षेत्र में मिलता है वह अन्य कही उपलब्ध नहीं है। उन्होंने कहा कि 2011 से 2020 तक फ्लोरेंस नाइटिंगेल का जन्म शताब्दी वर्ष मनाया जा रहा है। फ्लोरेंस नाइटिंगेल ने 38 नर्स के साथ युद्ध में घायल सैनिकों की सेवा के लिए जो आदर्श प्रस्तुत किया था वह आज भी नर्सिंग क्षेत्र से जुड़े स्वास्थ्य कर्मियों के लिए अनुकरणीय है।

समारोह को संबोधित करते हुए प्रेझा फाउंडेशन के प्रबंधक मीनाक्षी कुमार ने कहा कि गुमला नर्सिंग कॉलेज में आज 120 छात्राएं नर्सिंग का प्रारंभिक पाठ्यक्रम पूरा कर सेवा का संकल्प ले रही हैं। कैपिंग एण्ड लैम्प लाइटिंग सेरेमनी के माध्यम से 02 वर्षीय पाठ्यक्रम का प्रारंभिक चरण आज पूरा हो रहा है। अब इन प्रशिक्षित नर्सों का हॉस्पिटल के माध्यम से प्रायोगिक पाठ्यक्रम शुरू होगा। उन्होंने बताया कि पैन आईआईटी रीच फॉर झारखंड के माध्यम से झारखंड राज्य में नर्सिंग का पहला कॉलेज चान्हो में संचालित किया गया था। यहां से नर्सिंग प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद कॉलेज की छात्राएं बैंग्लोर, हैदराबाद, दिल्ली, कोलकाता जैसे शहरों में अपोलो एवं डाबर होम हेल्थ में नियोजित हैं। उन्होंने बताया कि अभी प्रथम स्तर में इन नियोजित नर्सों को 20 से 25 हजार का मासिक वेतन मिल रहा है। अनुभव बढ़ने के बाद इनका वेतन भी बढ़ेगा। उन्होंने कहा कि पाठ्यक्रम के दौरान छात्राओं को एचडीएफसी बैंक के माध्यम से सालाना 7500 रू छात्रवृति देने का प्रावधान किया गया है। दो वर्षीय पाठ्यक्रम में प्रशिक्षणार्थियों को 15 हजार रूपये छात्रवृति के रूप में प्राप्त होगा।

इससे पूर्व कॉलेज की छात्राओं द्वारा आकर्षक सासंकृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किया गया। आगत अतिथियों को पारंपारिक रीति से स्वागत-सत्कार करते हुए पुष्पगुच्छ देकर सम्मानित किया गया।

कॉलेज के सहायक संकायाध्यक्ष के धन्यवाद ज्ञापन के साथ समारोह का समापन किया गया।

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