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टुट जाएगा टंडवा का जिला मुख्यालय समेत हजारी बाग आदि शहरो का संपर्क।

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टुट जाएगा टंडवा का जिला मुख्यालय समेत हजारी बाग आदि शहरो का संपर्क।

टंडवा : टंडवा की लाईफ लाईन माने जाने वाली गेरुआ पुल कोरोना वायरस की भेंट चढ़ती नजर आ रही है। अगर जल्द टुटे गेरुआ पुल को नही बनाया गया तो टंडवा के लिए लॉक डाउन की समय अवधि बढ़ जाएगी। वैश्विक कोरोना वायरस को हराने के लिए पुरे देश मे 23 मार्च से लॉक डाउन लगा दी गई। जिससे देश के साथ पुरे टंडवा मे विकास की पहिया थम गई। हर काम बंद कर दिए जाने से पुल मरम्मति कार्य भी रुक गई। लॉक डाउन के पार्ट टू अगले तीन मई तक के लिए पुरे देश मे दुबारा लगते ही टंडवा मे लॉक डाउन की लंबी अंतराल तक लगने की डर प्रखंडवासियों को सताने लगी है।
अगर टंडवा की लाईफ लाईन माने जाने वाली गेरुआ पुल को जल्द मरम्मति नही कि गई तो एक माह बाद मानसुन दशतक देगी। बरसात आते ही नदियों मे पानी भरते ही टंडवा समेत सैकड़ो गांव का अगले तीन से चार माह के लिए लॉक डाउन जैसी स्थिति उत्पन्न हो जाएगी। जहां टंडवा समेत अन्य गांवो का संपर्क जिला मुख्यालय समेत अन्य शहरो का संपर्क टुट जाएगा। वहीं लगभग आधा दर्जन पंचायत के सैकड़ो गांव के लोगा का संपर्क प्रखंड मुख्यालय से टुट जाएगा। बीते 14 मार्च को प्रखंड क्षेत्र मे हुई भारी वारिश के कारण टंडवा की लाईफ लाईन माने जाने वाली गेरुआ पुल टुट गई इस दौरान एक बड़ी हादसा भी टल गई थी।

90 के दशक मे बना था गेरुआ पुल।

टंडवा की लाईफ लाईन माने जाने वाली गेरुआ पुल 90 के दशक मे बनाई गई थी। हलांकि जमीन समस्या आ जाने के कारन 94-95 मे आवागमन शुरु हुआ था। पुल का निर्माण बिहार वृज कॉरपोरेशन लिमिटेड के द्वारा लगभग दो करोड़ रुपये की लागत से लगभग ढाई सौ फिट लंबी व चालिस फिट उंची पुल बनवाई गई थी। उस वक्त हजारी बाग जिला हुआ करता था। तीस साल पुरानी गेरुआ पुल का निर्माण टंडवा की छोटी आबादी को देखते हुए बनाया गया था। वर्ष 2004-5 मे भी पुल दब कर क्षतिग्रस्त हो गई थी। जिसे मरम्मत कर चलने योग बनाया गया था।

टंडवा स्थानीय विधायक किशुन कुमार दास के पहल पर एनटीपीसी व सीसीएल के सहयोग पर गेरुआ नदी मे बैकल्पिक सड़क बनवाई गई। पर नदी मे बनी छलका इतना मजबुत नही जो बरसात की तेज धार को रोक सके।

टंडवा : गेरुवा पुल क्षतिग्रस्त होने के बाद जिला प्रशासन ने भी पुल की महत्ता को देखते हुए इसे जल्द मरम्मति को लेकर गंभीरता से लिया था। पुल टुटने के दुसरे दिन 15 मार्च को पीडब्ल्यूडी के चीफ इंजीनियर जयप्रकाश सिंह के नेतृत्व मे सीडीओ मुकेश कुमार सिंह व एक्सक्यूटिव इंजीनियर उमेश कुमार रविवार को टंडवा पहुंचे। मुख्य अभियंता के नेतृत्व मे आए लोगो ने गेरुआ पुल का निरीक्षण किया था। इस दौरान अधिकारियों ने टुटे पुल की मरम्मति के साथ नए पुल निर्माण को लेकर स्थल निरीक्षण किया।अधिकारियों ने निरीक्षण के बाद कहा था कि टुटे पुल का मरम्मत पंद्रह दिनों में शुरु हो जाएगा। साथ ही कहा कि गेरुआ पुल के मरम्मत के साथ साथ उसके समानांतर एक नया पुल भी बनाई जाएगी। पर एक माह से भी अधिक समय गुजर गया पर आज तक गेरुआ पुल की मरम्मति कार्य या नए पुल निर्माण की शुरुआत नही हो पाई है।

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