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झारखंड में लॉकडाउन में छूट पर आज निर्णय लेगी राज्य सरकार…

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झारखंड में लॉकडाउन में छूट पर आज निर्णय लेगी राज्य सरकार…

राँची : लॉकडाउन-पांच के दौरान विभिन्न क्षेत्रों में छूट के निर्णय को लेकर राज्य सरकार रविवार को किसी नतीजे पर नहीं पहुंची। आज इस संबंध में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से विचार-विमर्श और सहमति मिलने के बाद नए दिशानिर्देश की घोषणा आपदा प्रबंधन विभाग करेगा। रविवार को इस संबंध में विभागों की कवायद जारी रही। इस बाबत बनी कमेटी का प्रस्ताव तैयार हो चुका है। प्रमुख विभागीय सचिवों ने मुख्य सचिव से भी इस संबंध में विमर्श किया है। ज्यादा संभावना इस बात की है कि केंद्र सरकार के निर्देश के मुताबिक राज्य सरकार विभिन्न क्षेत्रों में छूट का निर्णय ले सकती है।

माना जा रहा है कि सार्वजनिक परिवहन को फिर से आरंभ किए जाने की अनुमति दी जा सकती है।
कुछ नियम व शर्तो के साथ बस, ऑटो, ई-रिक्शा सहित सभी निजी व व्यवसायिक वाहनों को चलाने की तैयारी है। निर्णय यह लेना है कि वाहनों में क्षमता के मुकाबले कितने लोग बैठेंगे। कंटेनमेट जोन को छोड़कर उन सभी व्यवसायिक प्रतिष्ठानों को भी राज्य में अब पूरी तरह खोल दिए जाने की उम्मीद है जिसे लॉकडाउन की अवधि में बंद किया गया था। प्रतिष्ठानों को नए नियमों के तहत शारीरिक दूरी समेत अन्य निर्देशों का पालन सुनिश्चित करना होगा।

तबादलों का महीना शुरू हो रहा है और नई सरकार छह महीने के इंतजार के बाद जाहिर तौर पर बड़े पैमाने पर अधिकारियों के फेरबदल के मूड में है। इसमें सबसे महत्वपूर्ण फैसला उपायुक्तों को लेकर लिया जाएगा। कई उपायुक्त लंबे समय से क्षेत्र में कार्यरत हैं, जिन्हें अब सचिवालय में लाया जाएगा। वहीं, सचिवालय से कई नए आइएएस अधिकारियों को जिलों का जिम्मा मिल सकता है। इस बीच, उन आइएएस अधिकारियों को राहत दी जा सकती है, जिन्होंने कोरोना वायरस के संक्रमण काल में बेहतर प्रदर्शन किया है। लगातार सक्रिय रहकर सरकार के आदेशों को धरातल पर उतारने में उपयोगी शामिल हुए हैं। ऐसे अधिकारियों को एक जिले से दूसरे जिले में भेजा जा सकता है, लेकिन इनकी वापसी नहीं होगी। हालांकि इनके नाम सिर्फ शीर्ष अधिकारियों तक सीमित हैं।

कोरोना वायरस के संक्रमण शुरू होने के बाद सरकार के निशाने पर आए कुछ अधिकारियों ने अपने काम से बेहतर छवि बना ली है। इनके खिलाफ कार्रवाई का मामला फिलहाल लटका रहेगा। इतना ही नहीं, पिछली टीम के कोर सदस्य माने जा रहे कुछ अधिकारी अब सेफ जोन में हैं। इनके बीच, सचिवालय में स्टार परफॉर्मर को जिला मिलना भी तय माना जा रहा है। कई सीनियर अधिकारी और स्वयं मुख्यमंत्री भी ऐसे अधिकारियों को जिलों का जिम्मा देना चाहते हैं।

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