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झारखंड असिस्टेंट प्रोफेसर अनुबंध संघ का निश्चित मासिक मानदेय की मांग को लेकर 08 नवम्बर 2020 को फिरायालाल में भिक्षाटन : डॉ०निरंजन महतो

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झारखंड असिस्टेंट प्रोफेसर अनुबंध संघ का निश्चित मासिक मानदेय की मांग को लेकर 08 नवम्बर 2020 को फिरायालाल में भिक्षाटन : डॉ०निरंजन महतो

राँची :

झारखंड असिस्टेंट प्रोफेसर अनुबंध संघ के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. निरंजन महतो ने बताया कि राज्य के सभी विश्वविद्यालयों में कार्यरत अनुबंधित असिस्टेंट प्रोफेसर एक निश्चित मासिक मानदेय की मांग को लेकर 08 नवम्बर 2020 को फिरायालाल के आस पास के क्षेत्रों मे भिक्षाटन कार्य किया जाएगा।

डॉ. महतो ने बताया कि यू.जी.सी. रेगुलेशन 2018 के अनुसार विश्वविद्यालयों में कार्यरत अनुबंधित असिस्टेंट प्रोफेसर को प्रतिमाह एक निश्चित मासिक मानदेय 57,700 रुपये देने का प्रावधान है।

झारखंड सहायक प्राध्यापक अनुबंध संघ के प्रदेश संरक्षक डॉ. एस. के. झा ने कहा कि हमारे सम्माननीय मुख्यमंत्री महोदय के दृढ़ संकल्प के कारण उच्च, तकनीकी शिक्षा व कौशल विकास विभाग ने हम सभी शिक्षकों का निश्चित मासिक मानदेय के प्रति निर्णय लेते हुए कार्यवाई को अग्रसर किया है। विदित हो कि हमलोग उच्च, तकनीकी शिक्षा एवं कौशल विकास विभाग के संकल्प सं-4/वि०-135/516/2016, दिनांक 02.03.2017 के आलोक में यू०जी०सी० अर्हता के आधार पर कुलपति महोदय /महोदया की अध्यक्षता में गठित चयन समिति तथा बाह्य विषय-विशेषज्ञ की उपस्थिति में साक्षात्कार और शैक्षणिक अंक के प्राप्तांक के आधार पर तैयार मेधा सूची से अनुशंसित विभिन्न अंगीभूत महाविद्यालयों तथा विश्वविद्यालय के स्नातकोत्तर विभागों में कार्यरत घंटी आधारित संविदा सहायक प्राध्यापक हैं। विदित हो कि उक्त संकल्प में हमलोगों का मानदेय 600/- रुपये प्रति कक्षा और अधिकतम 60 कक्षा यानी 36000/- रुपये प्रतिमाह कर्णांकित है।परंतु अवकाश के दिनों में यथा- ग्रीष्मावकाश ,शरद ऋतु, होली,दशहरा, दीपावली, छठ, आदि अवकाश के समय में कोई मानदेय देय नहीं होता है। साथ ही प्रत्येक शिक्षकों के मानदेय में भी घोर असमानता बरकरार है,जबकि सारा कार्य स्थाई शिक्षकों की भाँति यथा- वीक्षण, उत्तर पुस्तिका का मूल्यांकन, प्रश्न पत्र निर्माण आदि कार्य लिया जाता है। परंतु मानदेय भुगतान में घोर असमानता आज भी बरकरार है जबकि, हिमाचल प्रदेश, हरियाणा और चंडीगढ़ में इन शिक्षकों को यू.जी.सी.नियमावली 2018के अनुसार निश्चित मासिक मानदेय तय किया गया है।

प्रदेश महासचिव डॉ. मिथिलेश कुमार ने कहा कि सरकार ने आश्वासन भी दिया है, हमारी मांग प्रस्तावित भी है,तो यथाशीघ्र इसे क्रियान्वित भी करें और घंटी के दाग से छूटकारा भी दिलाये।

प्रदेश कोषाध्यक्ष डॉ. संगीता कुजूर ने कहा कि सरकार की मंशा सही होने के बाद भी मानदेय फिक्शेसन में इतना विलम्ब होना होना, हमसभी शिक्षकों प्रति घोर उदासीनता है।

साथ ही प्रेस कांफ्रेंस में डॉ. जैनेन्द्र कुमार,डॉ. सुमंत झा, डॉ. अरविन्द कुमार,डॉ. अभिषेक कुमार, अभिनव कुमार इत्यादि शामिल थे।

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