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चीन सीमा विवाद में बिपिन रावत का बड़ा बयान, चीन से बातचीत हुई फेल तो होगी सैन्य कार्रवाई

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चीन सीमा विवाद में बिपिन रावत का बड़ा बयान, चीन से बातचीत हुई फेल तो होगी सैन्य कार्रवाई

सीडीएस बिपिन रावत ने चीन से सीमा तनाव पर बड़ा बयान दिया है. रावत ने संधि को लेकर लगातार चीन के अड़ियल रवैये पर हमला भी बोला. रावत ने कहा कि चीन अगर बातचीत से नहीं मानता है तो हमारे पास सैन्य विकल्प भी मौजूद है. सीडीएस(चीफ डिफेंस स्टाफ) बिपिन रावत ने कहा कि ‘चीनी सैनिक अगर बातचीत से बॉर्डर से पीछे नहीं हटती है, तो भारत के पास सैन्य विकल्प भी मौजूद है. हम उसे भी अपना सकते हैं. रावत ने यह बयान उस समय दिया है, जब चीन सीमा पर बातचीत को लगातार असफल कर रहा है.

रक्षामंत्री ने की बैठकचीन सीमा तनाव पर रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल और सीडीएस बिपिन रावत के साथ बैठक की. इस बैठक में तीनों ने वर्तमान हालात और चीन के अड़ियल रवैये पर चर्चा की. बताया जा रहा है कि यह बैठक तकरीबन डेढ़ घंटे तक चली.पूर्वी लद्दाख में चीन के साथ सीमा विवाद के सभी महत्वपूर्ण पहलुओं पर चर्चा की गयी. हालात से निपटने के लिए भविष्य के कदमों पर विचार-विमर्श किया गया. जनरल नरवणे ने भारत की सैन्य तैयारियों, हथियारों और सैनिकों की तैनाती, वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) सहित सभी संवेदनशील इलाकों में कड़ाके की सर्दी के बीच सैनिकों की तैनाती बनाए रखने को लेकर प्रस्तुति दी.

 ‘हम शांति से सुलझाना चाहते हैं विवाद’जनरल रावत ने कहा कि सरकार शांतिपूर्ण ढंग से मामला सुलझाना चाहती है. उन्‍होंने इशारा किया कि पूर्वी लद्दाख में सेनाओं की तैयारी पूरी है. उन्‍होंने कहा, “LAC पर अतिक्रमण अलग-अलग नजरिये की वजह से होता है. रक्षा सेवाओं का काम निगरानी रखना और ऐसे अतिक्रमण को घुसपैठ में तब्‍दील होने से रोकने का है. सरकार चाहती है कि शांतिपूर्ण तरीके से मसले सुलझाए जाएं. अगर LAC पर पूर्वस्थिति बहाल करने की कोशिशें सफल नहीं होती हैं तो सैन्‍य कार्रवाई के लिए रक्षा सेवाएं हमेशा तैयार रहती हैं.

बातचीत जारी, तनाव नहीं हो रहा कम कई दौर की बातचीत के बावजूद, पूर्वी लद्दाख में तनाव कम नहीं हो रहा है. भारतीय सेना का साफ स्‍टैंड है कि चीन को अप्रैल से पहले वाली स्थिति बहाल करनी चाहिए. सैन्‍य स्‍तर पर बातचीत के अलावा विदेश मंत्रालय और दोनों देशों के वर्किंग मकैनिज्म फॉर कंसल्टेशन ऐंड को-ऑर्डिनेशन ने भी चर्चा की है. दोनों पक्ष कंपलीट डिसइंगेजमेंट की दिशा में आगे बढ़ने पर बार-बार सहमत हुए हैं लेकिन धरातल पर असर नहीं हुआ.

बॉर्डर पर आर्मी हाई अलर्ट परसेना प्रमुख जनरल मनोज मुकुंद नरवणे भी कह चुके हैं कि आर्मी हाई अलर्ट पर है. फारवर्ड पोस्‍ट्स के लिए कई हथियार, गोला बारूद और विंटर गियर खरीद रही है. LAC के साथ ऊंचाई वाले कुछ क्षेत्रों में तापमान सर्दियों के महीनों में शून्य से 25 डिग्री सेल्सियस कम हो जाता है. 15 जून को गलवान घाटी में हुई हिंसक झड़पों के बाद दोनों पक्षों के बीच

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