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कोरोना वॉरियर की कहानी:27 साल की उम्र में मरीजों का इलाज करते संक्रमित हुए डॉ. जोगिंदर की मौत, पिता ने बेटे को डॉक्टर बनाने घर बेचा था, 7 लाख कर्ज चुकाना बाकी था

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कोरोना वॉरियर की कहानी:27 साल की उम्र में मरीजों का इलाज करते संक्रमित हुए डॉ. जोगिंदर की मौत, पिता ने बेटे को डॉक्टर बनाने घर बेचा था, 7 लाख कर्ज चुकाना बाकी था

  • एमबीबीएस की पढ़ाई के लिए चीन भेजना था, तो पिता ने 18 लाख रु में घर बेच दिया था, घर बेचने के बाद परिवार गांव में ही किराये के घर में रहने लगा था
  • 27 साल के डॉक्टर जोगिंदर चौधरी को कोरोना हो गया था, एक महीने ट्रीटमेंट चला, लेकिन उनकी जान नहीं बच पाई
  • अस्पताल को परिवार की स्थिति के बारे में पता चला तो 4 लाख रुपए का बिल माफ कर दिया

बेटे के पैदा होने के बाद से एक ही सपना देखा था कि वो बड़ा होकर डॉक्टर बने। गांव में लोगों ने कहा कि बेटे को डॉक्टर बनाना है, तो इंग्लिश मीडियम स्कूल में पढ़ाओ। हिंदी मीडियम वाले डॉक्टर नहीं बन पाते। इसलिए छठी क्लास से उसे इंग्लिश मीडियम में डाल दिया। कर्ज लेकर पढ़ाया। एमबीबीएस करने चीन तक भेज दिया, लेकिन कुदरत ने हमारे साथ बड़ा खेल खेला। जब बहू ढूंढने जाने का सोच रहे थे, तब बेटे का तीसरा करने पर मजबूर होना पड़ रहा है।

इतना कहते-कहते राजेंद्र चौधरी फूट-फूटकर रोने लगे। वे डॉक्टर जोगिंदर चौधरी के पिता हैं। 27 साल के डॉक्टर जोगिंदर दिल्ली के डॉक्टर बाबा साहेब अंबेडकर हॉस्पिटल में करीब सालभर से नौकरी कर रहे थे। पहले वो फ्लू क्लीनिक में थे, लेकिन नवंबर 2019 से उन्हें केजुअल्टी डिपार्टमेंट में शिफ्ट कर दिया गया था।

23 जून को उन्हें बुखार आया। उनके दो साथी कोरोना पॉजिटिव आए थे। इसलिए उन्होंने तुरंत कोरोना टेस्ट करवाया। 27 जून को उन्हें पता चला कि वो कोरोना पॉजिटिव हैं। सांस लेने में दिक्कत हो रही थी। इसी कारण उन्हें डॉक्टर बाबा साहेब अंबेडकर हॉस्पिटल से लोक नायक जयप्रकाश हॉस्पिटल (एलएनजेपी) में एडमिट कर दिया गया।

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