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कॉरपोरेट बिल्डर घरानों के दबाव में मजदूरों को घर जाने से रोका जाना दुर्भाग्यपूर्ण…

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कॉरपोरेट बिल्डर घरानों के दबाव में मजदूरों को घर जाने से रोका जाना दुर्भाग्यपूर्ण…

चंदवा : वामदलों के अह्वान पर घोषित राज्यब्यापी कार्यक्रम के तहत भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) (माकपा) कार्यकर्ताओं ने लॉकडाउन सोशल डिस्टेंस का पालन करते हुए कामता स्थित अपने घर के दरवाजे पर मांगों से संबंधित पोस्टर झंडा बैनर के साथ प्रर्दशन किया, मजदुरों – छात्रों को घर लाने के लिए ट्रेनों की संख्या बढाओ, पीएम केयर फंड से गरीबों के खाते में राषी भेजो, मजदुरों की मुफ्त घर वापसी वसुली गई किराया वापस करो, जरूरत मंदो को राशन, दाल आलू नमक उपलब्ध कराओ जैसे नारे लगा रहे थे, इसका नेतृत्व पार्टी के पूर्व जिला सचिव अयुब खान कर रहे थे,
इस अवसर पर लोगों को संबोधित करते हुए अयुब खान ने कहा कि बड़ी संख्या में प्रवासी मजदूर मजबूरी और भूखमरी से परेशान होकर भुखा प्यासा अपने बीवी तथा छोटे छोटे बच्चों को गोद सर में लेकर घरों की ओर चल पड़े हैं, कॉरपोरेट और बिल्डर घरानों के दबाव में राज्य सरकारें जबरन मजदुरों को घर आने से रोक रहे हैं जो दुर्भाग्यपूर्ण है, उनके साथ रास्ते में मारपीट कि जा रही है, उनके पास खाने पीने के लिए कोई व्यवस्था नहीं है, ऐसे लोगों के लिए कोई सुविधा उपलब्ध नहीं कराया जा रहा है,
वहीं मुनाफे की हवस में औद्योगिक सुरक्षा मे बरती गयी लापरवाही के चलते पिछले दो दिनों में हुई औद्योगिक गैस रिसाव हादसों एवं महाराष्ट्र के औरंगाबाद में माल गाड़ी से कूचले जाने के कारण दो दर्जन से अधिक मजदूरों की मौत हो गई है,
मजदूरों को गुलाम बनाने के लिए जिस प्रकार गुजरात, कर्नाटक, उत्तर प्रदेश मध्य प्रदेश, हरियाणा और त्रिपुरा की भाजपा साशित राज्य सरकारों ने और उन्ही के नक्शे कदम पर चलते हुए महाराष्ट्र की शिवसेना – कांग्रेस और राजस्थान की गहलोत सरकार ने लाकडाउन की आड़ में श्रम कानूनों को फ्रीज करने और काम के घंटों को 8 से बढाकर 12 घंटे करने की साजिश की है, इस मजदुर विरोधी नीति से मजदुरों में काफी आक्रोश है,
दस सूत्री मांगों से संबंधित ज्ञापन प्रधानमंत्री को भेजा गया है जिसमें पीएम केयर फंड से आयकर के बाहर नागरिकों को दस-दस हजार रूपया उनके खाते में ट्रांसफर करने, मजदूरों छात्रों को लाने के लिए ट्रेनो कि संख्या बढ़ाने, सभी प्रवासी मजदूरों को सरकारी खर्च कर घर वापसी की जाय साथ ही वसुली गई किराया वापस करने, सभी गरीबों को राशन,दाल,आलु, नमक और पॉष्टिक अहार उपलब्ध कराने,
महाराष्ट्र के औरंगाबाद मे मालगाड़ी ट्रेन हादसे में तथा गैस रिसाव में जान गवाने वाले दो दर्जन प्रवासी मजदूरों के आश्रितों को 50-50 लाख मुआवजा और परिवार के सदस्य को नौकरी दिलाने, पैदल चलकर घर जा रहे प्रवासी मजदूरों को वाहन की व्यवस्था कर उनको घर भेजने, सर्वे कर लॉकडाउन से देश में जान गवाने वाले प्रवासी मजदूरों के परिवारों को 10-10 लाख मुआवजा एवं नौकरी देने, गांव में विकास कार्य शुरू कर मजदूरों को अविलंब काम देने,
कोबीड-19 का इलाज कर रहे चिकित्सकों, स्वास्थ्य कर्मियों को सुरक्षा उपकरण देने, लॉकडाउन से जिसका व्यापार,दुकान,होटल अन्य कारोबार ढप हो गया है उन्हें सहायता देने की मांग की है, प्रर्दशन में जितन गंझु, फहमीदा बीवी, गुडू गंझु शामिल थे।

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