Connect with us

उपायुक्त श्री अबु इमरान की पहल पर शिशुओं के पहले एक हजार दिन ( First 1000 days of a child) पर जागरूकता को लेकर वेबीनार का आयोजन किया गया

खबर सीधे आप तक

उपायुक्त श्री अबु इमरान की पहल पर शिशुओं के पहले एक हजार दिन ( First 1000 days of a child) पर जागरूकता को लेकर वेबीनार का आयोजन किया गया

वेबीनार में ज़ूम एप्प के माध्यम से विशेषज्ञों के द्वारा शिशु के अच्छे स्वास्थ्य एवं विकास के लिएशिशु के पहले 1000 दिनों तक पोषण एवं देखभाल विषय पर जानकारी दी गयी

जिला स्तरीय पदाधिकारियों सहित प्रखंड और पंचायत स्तर पर काम कर रहे चिकित्सा पदाधिकारी, सेविका व सहिया को किया गया जागरूक

शिशु के जीवन की आधारशिला तय करता है पहले 1000 दिन का पोषण…… अबु इमरान, उपायुक्त

उपायुक्त श्री अबु इमरान की पहल पर जिला प्रशासन लातेहार के द्वारा शिशु के पहले एक हजार दिन ( First 1000 days of a child) पर जागरूकता को लेकर का वेबिनार का आयोजन किया गया। वेबिनार में उपायुक्त श्री इमरान ने कहा कि शिशु के अच्छे स्वास्थ्य एवं उसके शारीरिक एवं मानसिक विकास के लिए शिशु के पहले एक हजार दिन( First 1000 days of a child) पर हमें विशेष ध्यान देने की जरूरत है। आगे उन्होंने कहा कि  गर्भावस्था से लेकर दो वर्ष तक का समय शिशु के सर्वांगीण विकास के लिए महत्वपूर्ण समय होता है। इसी दौरान बच्चों के संपूर्ण स्वास्थ्य, वृद्धि और विकास की आधारशिला तैयार होती है l लेकिन सही पोषण नहीं मिलने से स्वास्थ्य की आधारशिला कमजोर हो जाती है l सही पोषण तथा देखभाल नहीं मिलने से बच्चे कुपोषित हो सकते हैं या उसकी समय से पूर्व मृत्यु भी हो सकती है । इसलिए शिशु के पहले 1000 दिनों तक माता और शिशु के पोषण पर विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए है।
उपायुक्त श्री इमरान ने कहा कि जिला के स्वास्थ्य, समाज कल्याण तथा शिक्षा विभाग आपसी सामंजस्य स्थापित कर कार्य करें। जिससे शिशु के पोषण तथा देखभाल की जानकारी गर्भवती माता तथा परिजनों को मिल पाये और साथ ही सरकार की कल्याणकारी योजनाओं का लाभ गर्भवती माता तथा शिशु को मिल सके l

रीजनल को-ऑर्डिनेटर यूनिसेफ इंडिया, श्री मनीष प्रियदर्शी ने वेबिनार में बताया कि शिशु के शुरुआत के 1000 दिन उसके विकास और स्वास्थ्य के लिए एक महत्वपूर्ण अवधि है l इस दौरान हम माता एवं शिशु को सही समय पर सही पोषण प्रदान कर शिशु को एक स्वस्थ व खुशहाल जीवन दे सकते हैं। प्रथम 1000 दिनों में उपलब्ध पोषण बच्चों को बीमारियों से लड़ने की ताक़त देता है। बच्चे के जीवन के प्रथम 1000 दिनों में उचित पोषण की कमी के ऐसे दुष्परिणाम हो सकते हैं जिन्हें ठीक करना कठिन होता है । यह नहीं सोचना चाहिए कि बच्चा जब दुनिया में आएगा तब ही उसके खान-पान पर ध्यान देना है। बल्कि बच्चा जिस दिन से माँ के गर्भ में आता है उसी दिन से उसका शारीरिक मानसिक विकास होना प्रारंभ होने लगता है। शिशु के अच्छे स्वस्थ के लिए माता के द्वारा सही पोषण ग्रहण करना बहुत महत्वपूर्ण है

गर्भ धारण करने के समय से ही गर्भवती स्त्री को अपने खानपान पर विशेष ध्यान देना शुरू कर देना चाहिए l प्रसव के बाद 6 माह तक शिशु को केवल स्तनपान कराना चाहिए तथा 6 माह के बाद बच्चे को कम से कम दिन में दो से तीन बार खाना खिलायें l माँ का दूध बच्चे के शारीरिक-मानसिक विकास के साथ साथ उसमें रोगों से प्रतिरोधक क्षमता विकसित करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है l

, *श्री रंजन पंडा टीआरआईएफ, ने कहा कि जिले में गर्भवती महिलाओं और शिशु की सही देखभाल एवं पोषण के लिए सामुदायिक सहयोग और भागीदारी को मजबूत करना जरूरी है। इसके लिए प्रखंड एवं पंचायत स्तर पर महिला समूह बनाकर हमें गर्भवती महिला एवं शिशुओं के सही देखभाल को लेकर प्रशिक्षित करने की जरूरत है।

इससे समुदाय में चर्चा बढ़ेगा और महिलाएं एक दूसरे को देख कर सीखते हुये सही ढंग से गर्भवती महिलाओं एवं शिशुओं का ध्यान रख पाएंगी। उन्होंने कहा कि स्थानीय स्तर पर उपलब्ध, पोषण से भरपूर खाद्य पदार्थो को अपनाने एवं इसके बारे लोगों को जागरूक करने की जरुरत है l उन्होंने कहा कि समय-समय पर आंगनबाड़ी सहिया, एएनएम और गर्भवती महिलाओं को शिशु के पोषण एवं देखभाल विषय पर प्रशिक्षण दिया जाना चाहिए ।

गेस्ट स्पीकर प्रतिभा मलिक ने बताया कि माता तथा शिशु के भोजन किन-किन खाद्य पदार्थो को शामिल किया जाना चाहिए l
मीनाक्षी सहारन,पीएचडी स्कॉलर ने बताया कि बच्चे के मानसिक स्वास्थ्य और भावनात्मक विकास पर भी ध्यान दिया जाना चाहिएl


वेबिनार में श्वेता वर्मा, फाउंडर, गिन्नी प्लानेट और अभिषेक रंजन, फाउंडर सरकारी स्कूल ने भी अपने विचार रखे।

समाहरणालय एनआईसी में आयोजित हुए वेबिनार में डीडीसी सुरेंद्र वर्मा,आईटीडीए निर्देशक विदेश्वरी ततमा, सिविल सर्जन संतोष कुमार श्रीवास्तव, जिला शिक्षा अधीक्षक सीवी सिंह और जिला समाज कल्याण पदाधिकारी प्रीति सिन्हा उपस्थित रहें । साथ ही जिला तथा प्रखंड स्तरीय पदाधिकारी, चिकित्सा पदाधिकारी, लेडी सुपरवाइजर, सेविका और सहायिका वेबिनार में जुड़े हुये थे।

Continue Reading
You may also like...
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

More in खबर सीधे आप तक

To Top